Monday, 25 May 2020
जीवन एक मात्र शून्य .. .. .. .. ..
Saturday, 6 April 2019
Tit for Tat
जरूरी नहीं जिनके बारे में आप सोचते हो वो भी आपके बारे में सोचे।
तो जो तुम्हारे साथ अच्छा करता है उसके साथ 10 गुना अच्छा करो।
और जो तुम्हारे साथ बुरा करता है उसके साथ 10 गुना बुरा करो।
चालाक लोगों के साथ महा चालाक बनों।
मतलबी लोगों के साथ महा मतलबी।
Tuesday, 26 March 2019
Holi 2019
क्यों मनाऊ मैं होली,
मेरे हर अंग में तू है समाया।
कैसे मनाऊ मैं होली,
मुझपर तेरे रंग का चढ़ा है साया।
कहाँ मनाऊ मैं होली,
तूने मुझको हर जगह अपना रूप है दिखाया।
कब मनाऊ मैं होली,
तूने हर क्षण में प्रेम का खेल है खिलाया।
Wednesday, 21 November 2018
विशवास और सपनें दोनों हमारे साथ चलते हैं । सपनें जीने नहीं देते, विशवास मरने नहीं देते।
विशवास और सपनें दोनों हमारे साथ चलते हैं ।
सपनें जीने नहीं देते,
विशवास मरने नहीं देते।
Sunday, 16 September 2018
जब आपका वक़्त बुरा होता है, तब आपको ऊँट पर बैठे हुए को भी कुत्ता काट जाएगा।
My Experience says:-
जब आपका वक़्त बुरा होता है, तब आपको ऊँट पर बैठे हुए को भी कुत्ता काट जाएगा।
Tuesday, 7 August 2018
इन्सान की पहचान
My Life My Experience
इन्सान की यही पहचान है कि वह दूसरों को कभी नहीं समझता फिर चाहे वे उसीका खून क्यूना हो क्योंकि वह सिर्फ ओर सिर्फ अपने लिये ही जीता है ।
वह वहीं करता हैं जो उसको अच्छा लगता है ना कि वो जो दूसरों के लिए अच्छा हो।
वह सोचता हैं जो वो कह रहा है वहीं सत्य है और दूसरों को बेवकूफ समझता है।
इन्सान का काम केवल दूसरों में कमियाँ निकालना और उसको नीचा दिखाना है।
हाँ, जो दूसरों को समझले वो आज के युग में इंसान ही नहीं हैं।
Sunday, 3 June 2018
We are just only pupets.
My experience says
We are just only pupets.
बच्चपन से सुना है मेहनत करो फल मिलेगा, आज पता लगा मेहनत से 🔔 मिलेगा।
अगर मेहनत से सब कुछ मिलता तो सबसे पहले एक मज़दूर की सभी इच्छाएँ पूरी हो जाती।
हम एक कठपुतली है, सब कुछ निष्चित है जो होना है वो होकर ही रहेगा।
इच्छा पैदा करने वाला भी ईश्वर है, उस इच्छा को पूरा करने वाला भी ईश्वर है, उस इच्छा को खत्म करने वाला ईश्वर ही हैं।
गीता में लिखा ईश्वर की इच्छा बिना एक कण भी नहीं हिल सकता।
जब गीता पड़ी थी तब एक बात भी समझ नहीं आई थी, पर ज़िन्दगी ने सभी अध्याये एक-एक उपयोग सहित समझाये।
तो जो ज़िन्दगी से दुःखी है, वो एक बार "गीता" पढ़ ले पढ़ने के बाद आप भी मेरी तरह कहोगे
अपना हर दिन ऐसे जिओ जैसे कि आखिरी हो।
जीने का मज़ा आज ही है।